Kapalbhati ke bare mai puri jankari (कपालभाति के बारे में पूरी जानकारी)

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आज हम आप को के बहुत बढ़िया एक ” yog ” के बारे में बताये गए | आप ने इसके बारे में सुना भी होगा “कपालभाति ” योग है , कपालभाति योग में “pastkarm “ki एक विदी है | देखिये कपालभाति का मतलब माथा या ललाट होता है ये सब संस्कारत भाषा से है | कपालभाति को अगर आप रोजाना करते है तो आप को कुछ दिन में इसके लझण दिखाई देता है कपलभाति करने से आप के चहरे पर अलग चमक आ जाता है कपालभाति बहुत ही ऊर्जान्वन योग है

कपालभाति क्या है ( Kapalbati kya hai )

कपालभाति की ऊर्जा को आप नहीं जानते है ये एक एसि ऊर्जा है | जो एक सकती से परिपुण्य पदयाम है , आप का वजन काम करता है और आप के सरीर को संतुलित करता है |देखिये में आप को बता दू , कपालभाति का पूरा अर्थ क्या होता है | ‘कपाल ‘ का अर्थ ‘माथा’ और ‘खोपड़ी‘ है ‘ bhati ‘ इसका अर्थ है चमकना | कपालभाती एक बहुत तेज करने वाला योग है ये इतनी तेज किया जाता है जैसे की आप एक बार में नार्मल साँस लेते है आराम से , लेकिन ये उल्टा होता है इसको करने के लिए आप को जोर से साँस को लेना होता है और उसी गति से साँस को फिर बाहर छोड़ना होता है । इस प्रकिरिया में आप के पेट की मांसपेशिया का उपयोग होता है जिससे आप के पेट की मांसेसिया स्टोरंग होती है कपालभाति सरिए पर उत्तेजक और गर्म प्रभाव डालता है कपालभाति दिल के धड़कन को बहुत तेज बढ़ती है और ऑक्सीजन को भी बढ़ने में बहुत मदत करती है ये आप के नक् के मार्ग को भी सही तरीके से काम करने देती है । आप रोजाना करते है तो ये आप के पेट की मांसपेशिया को ‘ton ‘ करने में मदत करती है । और ये आप के पेट की मांसपेशिया को बहुत उत्तेजना देती है

कैसे करे कपालभाति ( kaise kare kapalbati )

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किसी भी योग को करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए आप के पाश और उसे करने की साडी विदी आप को पता होना ही चाहिए । अगर आप कपालभाति की बात करे तो आप को इस को करने की विदी ये है , आप को अफ्ले एक अरमा दयाक कपडा पहना चाहिए जब आप योग करने जाये तो और आप हमेशा खली पेट ही योग करना चाहिए । आप को पहले एक अरमा दयाक इस्थिति में बैठ जाये जैसे ‘ वर्जासं ‘ में वर्जासं के बारे में इस स्थति में कैसे बैठेते है में आप को बताता हु जैसे की आप को अपने घुटनो के बल बैठकर और पैरो के बल बैठा कर बनाई जाने वाली मुद्रा अब आप को अपनी आँखे बंद करे और अपने पुरे सरीर को आराम करने दे फिर आप अपने 2 नको से गहरी साँस को अंदर लेते समय आप को अपनी छाती को फूलना है अब आप को साँस को थोड़े देर पेट में रखे उसके बाद आप को अपने पेट की साडी मांसपेशिया को सिकुड़ने दे उसके बाद आप को जोर से साँस को बहार चोदे बहार छोड़ते समय आप को अपने चेस्ट को फिर से नार्मल इस्थ्ती में लेकर आना है यह परकीया होने के बाद आप को फिर से ऐसे दुहरान है जैसे आप ने पहले किया है उसी तरह फिर से करना है ।इस तरह आप को 30 छोटी साँस को लेना है फिर गहरी साँस ले और उसके बाद दिमि साँस को बाहर करे ।

कपालभाति करने लाभ

कपालभाति योग करने से तो अनेको फायदे होते है , जैसे की

चर्बी कम करता – रोजाना कपालभाति करने से आप की पेट की चर्भी काम होती है , कियोकि आप जब साँस को पेट से बहार छोड़ते है तो जो पेट में मांसपेशिया होती है वे ऊर्जावान हो कर काम करती है जो आप के पेट की चर्भी घटता है ।

सकती में ऊर्जा – कपालभाति के नियमित अभय्ष से पेट की मांसपेशिया को मजबूत करने और सम्रग कोर सकती में सुधर करने में मंदत करता है इसलिए कहते है की आप को रोजाना योग करना चाहिए जिससे आप हेअल्थी और ऊर्जावान बने रहेंगे

तनाव और चिंता से रहत – कपालभाति योग मन को शांत करने और तनाव और चिंता को काम करने में मदत करता है अच्छे से कहे तो आप गर योग डेली करते है तो ये योग आप को इतनी सकती प्रधान करती जितना आप सोच भी नहीं सकते है इसलिए कहते है की आप को योग रोज ही करना है योग हमेशा से ही लाभ करि होता है लेकिन आप को सही ढंग से करना आना चाहिए ।

पाचन में सुधर – कपालभाति करने के टाइम जब आप जोर से साँस अंदर बहार लेते है तो आप के पाचन में बहुत ही असर करता है जो आप के पाचन तंत्र को मजबूत करता है जिसे आप का पाचन तंत्र में सुधर होता है

कपालभाति करने से पहले सावधानिया जान ले आप

कपालभाति करने से पहले आप को सावधानिया जानना बहुत ही जरुरी है , में आप को बता दू अगर आप गूगल पर सर्च करेंगे तो आप को बहुत सरे पोस्ट मिल जायेंगे और वो आप को बता बताएँगे भी , लेकिन में आप को बहुत ही रिसर्च कर के इस पोस्ट में बता रहा हु ।

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जिसको कोई भी अंदर से परेशानिया है , वे कपालभाति से थोड़ा दुरी ही बनकर रखे , कियोकि कपालभाति बहुत ऊर्जा बनती है आप के पेट में

ह्रदय रोग , बाल्ड प्रेशर और पेट की समस्या हो तो आप को ये योग नहीं करना चाहिए और , खाना कहने के तुरंत बाद ये योग न करे खाना खाने के 4 -5 घंटे बाद ही आप को ये योग करना चाहिए ।

सबसे महत्पूणय जब कोई महिला pregnet हो तो ,ye योग उन महिला को नहीं करना चाहिए कोयोकि ये योग से पेट में बहुत ही ऊर्जा पैदा करता है और योग पेट के दौरान ही किया जाता है इसलिए ये योग आप को नहीं करना चाहिए , अगर आप को मासिक धर्म आते टाइम भी इस योग से दूर ही रहना है ।

अगर आप योग करते समय कोई भी दर्द या चाकर जैसा कोई भी अनुभव महसूस करे तो आप को तुरंत आसान करना बंद कर दे और थोड़ी देर सन्ति से बैठ जाये ,aur कोई भी योग न करे

ये योग करते से आप को कोई भी समस्या ए तो आप को पहले ये योग बन कर देना है और किसी एक्सपर्ट से सही से सेल्फ लेना है ,aur उसके बाद आप को ये योग फिर से स्टार्ट करना है ।

आप को ये पोस्ट कैसे लगा है आप मुझे कमेंट कर के बोल सकते है thanks for reading this post
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